संछादय्

संछादय्
संछादय् /saṅchāday/ caus.
1) покрывать, укрывать
2) прятать




Случайная выборка слов

निशीथिनी, मार्गस्थ, द्व्यणुक, प्रावृष, अधिकर्, प्रवप्, नीलसरोरुह, वितृण, चर्षणि, वृध, विघातय्, कण्डु, सपद्म, रूपकरूपक, अनीहित, निमज्जन, शिखण्डिनी, स्फिट्, देवी, प्रवर्ष्, दुःखभाज्, मधुप्सरस्, मूत्र, दुः°, वैरस, जलाष, जैत्ररथ, क्षज्, खेल, जित्वर, वारिधारा, आभिजात्य, नर्दित, लोमकीट, अवस्फूर्ज्, समुपास्था, अभ्युद्गम्, सुभृश, षडह, प्रत्यवरूढि, संमार्जनी, उटज, महामेघ, मर्यक, पूर्वपद, जिह्मग, सर्वायुस्, रत्नध, दृष्टिप्रसाद, चय, निमन्त्रक, प्रतिभज्, विश्पति, तिथि, क्षुद्, वाताशिन्, धनहीन, चक्ष्, निस्तोय, सूर्क्ष्, कालान्तर, ठकार, प्रणिपात, प्राग्दक्षिणा, प्रस्फुर्, चतुष्पाद, संभोगवन्त्, धारिन्, ना, तोयाधार, पथिष्ठा, अपेय, कर्मार, पञ्चषष्ति, शैलूष, वर्तमानकाल, सभार्य, आगम, साधन, गीता, शुशुलूक, रजतपात्र, स्तवन, प्रसञ्ज्, मदनावस्था, धूम्राक्ष, कोशाध्यक्ष, घूर्णना, अपाज्, दिवातर, संधारणा, हस्तवन्त्, नदीज, श्रुतितस्, वर्चस्य, प्रहित, नक्तंचर, परिच्यु, गगनस्पृश्, हसामुद, ओक्य, अतिमुखर, लट्, देवदेव, साहस्रवन्त्, तुरुष्क, भविष्यत्ता, अभिसंस्वर्, भूधर, शालिभू, उपरमण, साक्षेप, प्रस्तर्, धम, सीरा, दृप्, दोष, तनुभाव, परंपर, भिक्षुचर्या, श्रा, उपासन, अवभास, संभोग, अतिकोप, एकभूत, घनाघन, प्रत्यग्र, प्रीतिसंगति, त्वेषस्, नानादेशीय, क्रीत, प्रतिजीवन, गम्भन्, धर्महानि, विप्रनश्, देवासुर, विघट्टन, रोदन, भुज्मन्, तीक्ष्णाग्र, उपचयावह, ह्रेष्, आहति, सुसीम, लेश्य, कामदत्व, घटक, संराज्, विमत्सर, पुष्पवन्त्, पञ्चवर्षक, शुल्कद, दण्ड्य, रणशीर्ष, प्ररुध्, सुर, वितामस, प्रतिबल, विप्रश्न, कृष्णाजिन, मन्युमोक्ष, यथोक्त, गौण, अभीक, सुतपेय, हर्, संभ्रम्, प्रक्रम, हिमकरतनय, द्वय, पापकर्मन्, दार्शिक, दर्ह्, सच्, स्वान, अंशभूत, अलून, निमिष्, सीता, फलीकरण, सर्पविद्, सिद्धलक्ष, सभा, वसुधाधिप, °संश्रयिन्, संभेद, एकपद, रयिपति, प्रतिगर्ज्, असुर, °रक्षि, प्रज्ञापारमिता, पुण्याह, दुरत्यय, विद्वत्त्व, मस्करिन्, अवपश्, समालभनहस्त, शिल्पकारिका, निशाचर्मन, अस्रिध्, विपुलता, कुम्भिन्, निर्लू, असुर्य, स्वद्
переводы с персидского языка, литовский словарь




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit