संप्रतापन

संप्रतापन
संप्रतापन /saṁpratāpana/ n.
1) нагревание
2) возбуждение
3) мучение, терзание, страдание
4) ад




Случайная выборка слов

इषयु, श्रावितर्, नन्दापुरान, सत्ति, धैर्यता, हन्तर्, नुत्ति, निरापद्, खड्गधर, परकार्य, गृहपत्नी, क्रोडवाल, सिंहशाव, परिगृहीत, पल्लविन्, नाममुद्रा, संहित, परतः, सार्चिस्, प्रतिजीवित, देहकृत्, तृदिल, कुभर्तर्, नगज, असंभावितोपमा, वशकर, देवजन, रभीयंस्, दशशतकरधारिन्, अष्टीला, भोगिन्, निर्वसु, संप्रदिश्, घनात्यय, निशाम, कुलसंतति, प्रासङ्गिक, अन्त्य, भीषा, वामदेव, विवयन, शरकाण्ड, ज्यौत्स्न, निवेदिन्, संग्रथ्, विप्लव, विषित, विच्यावय्, आश्रु, कौलीन, हृदयप्रमाथिन्, उद्भव, °ष्ठीव, सुविपुल, द्व, संव्यध्, सोमक, निज्, अतिमानिन्, वासवी, विप्रश्न, परपरिग्रह, विध्, मित्रत्व, भृष्ट, त्रिसप्तति, अत्यस्, मांसविक्रेतर्, होमवन्त्, अभ्युपपद्, नालिकेर, कार्यकारण, प्रविषय, निर्वचन, सपरिषत्क, भस्मशुद्धिकर, विधुत, सहस्रार्चिस्, अवकाश, नग, नाटकीया, राजपूरुष, भूर्यक्ष, निरपाय, प्रहि, सुगात्र, प्रवर्धन, शोकपरायण, उपभुज्, सौमुख्य, ब्रह्माणी, धनर्च, दिवाकीर्ति, जू, गु, वेतन, महानिद्र, एषणा, सो, वैमूल्य, दुर्मर, तरिणी, भार्यावन्त्, ऋषि, मर्श्, जाड्य, परिपण, मज्जा, स्वातन्त्र्य, सदुःख, नाभिलक्षित, वृकायु, श्यावाश्व, परावत्, भ्राज्, धर, धन्वन्तरि, गोप्तर्, वस्, महागण, जलौक, वर्तनि, अशनि, ईश्, हृष्टि, शेषस्, सामग्री, दुर्योग, बडिश, क्षञ्ज्, दत्र, केसरिन्, प्रस्ताव, उत्कर्त्, प्रतिपद्, नखिन्, उत्थित, क्षप्, बहुलीकृत, परुषेतर, अविशेष, °वर्जक, पौण्डरीक, स्वकर्मन्, समितिशोभन, प्रसङ्गतस्, चतुष्पाद्, सहलोकधातु, बलदेव, व्यालग्राह, हुरस्, तालु, लोकेश्वर, मेष, विवर्जित, नमस्, देवमय, कात्यायन, अह्, शुक्लपक्ष, वाव, चतुर्वय, प्रणीति, आख्यानक, दुष्करकर्मकारिन्, राजविद्या, पुलाक, आवल्ग्, समालोक, बालकेलि, उपसर्, निग्रभ्, मानुष्यक, नखाशिन्, अनन्तता, सत्त्व, चरणसंस्कार, आकाशचारिन्, सारफल्गुत्व, जड, क्षेपीयंस्, °धान्यक, श्रम, समशील, द्वाःस्थित, जनित्र, किन्, तव, करुणध्वनि, नदथु, घण्टा, विद्वत्तम, भाण्ड, आन, प्रथीयंस्, अकार, दीर्घरोषता, पूगीफल, विरोधन, मृष्ट, पुरुधा, विष्णुपद, वृ, निराग, आश्रयिन्, अल्पता, मस्तु




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь