गु

गु
गु I /gu/ (A. pr. /gavate/ —I; fut. /goṣyate/; pf. /juguve/; aor. /agoṣṭa/ ) идти




Случайная выборка слов

अनुकार, निष्ठूरिन्, संभू, विभूमन्, जिज्ञासा, द्यावा-पृत्हिवी, समर्थ, रूपसंपन्न, जिह्मशी, विज्जल, भूमिशय, भूतार्थ, निखन्, विद्वत्त्व, सुकुल, सर्वयत्न, पञ्चवर्ण, गृहद्वार, कीर, फलोद्गम, प्रतिवाद, दुराधर, ग्लह्, वैमुख्य, परिचरण, अनर्व, हेमक, मूढचेतन, नीरद, परिषेक, सुस्थित, रक्षावन्त्, ईहामृग, वास्तुज्ञान, सावेश्य, व्रतरुचि, इतिहास, विखाद, त्रिबाहू, ताल्प, प्रसृति, कपाल, श्लीपदप्रभव, वमि, नृचक्षुस्, मनोगत, विचातय्, स्पष्ट, धारा, अविश्वसनीयता, संराधय्, संवादन, संभरण, परिवर्त, संहृति, धातुमय, निर्जिति, अस्रिधान, ब्रह्मगुप्त, व्यध्व, प्रयुज्, सारल्य, दुर्गसिंही, भरत, आस्थातर्, पताकिनी, रथाक्ष, वृश्चिक, दाप्य, उख्य, लवणजलनिधि, अमुत्र, दर्भ्, महाशब्द, धर्मस्थ, चलय्, मृगशाव, स्नानशाटी, पूतभ्+ऋत्, अन्यत्व, ग्रथन, परिदिश्, पुरस्कार, विरक्ति, उपभङ्ग, यथार्ह, योग्या, लाभालाभ, जन्मकाल, धनेश, क्षितिप, °विदारक, शब्दपति, सितमणि, जा, एकपद, लघीयंस्, तमोभूत, पुण्डरीक, सौव, आयति, जयैषिन्, नारक, शन्ताति, व्यवहित, प्रस्मर्, जम्भलिका, चेट, मध्यदिन, मिह्, जनिता, भास्मन, व्यंसन, काव्य, तपीयंस्, कु°, रक्षस्विन्, प्रत्ययसर्ग, संस्क्रिया, विवृद्ध, शर, धरणीसुत, कर्णाभरण, स्वनय्, रोह, शलातुर, द्रवत्, मैनाक, पार्श्वगमन, सादिन्, तुन्नवाय, पिङ्गल, दायक, न्यासी कर्, नवत्रिंशत्, दुर्विभावन, स्थानीय, उभय, भारसह, वहन्ती, स्थातर्, इन्दुमुख, क्षम, हेम्न, असंबाध, पेत्व, व्यत्यय, दुराधर्ष, दक्षिणापथ, सूच्यग्र, भरतवाक्य, अनडुही, इरिन्, पिशुन, साधना, समद्, अम्बा, पुरुषाकार, आगस्, प्रव, संदृब्ध, संघ, एकवर्ण, °पर्व, धनिन्, प्रष्टव्य, हस्तिशिक्ष, श्रुतसेन, संप्लावय्, वृक्क, दीप्ताक्ष, संस्पर्शिन्, नवरत्न, आतम्, परिवेष, नगाधिप, दुस्तरण, अर्घ, मणिवर, विकर्त्, सिराल, भ्रंश, सनद्रयि, विप्रलम्भक, श्रोणी, मण्डलिन्, कविक्रतु, संस्कर्तर्, द्यूत, महोत्सव, लतिका, विपद्, अभिनिविश्, सान्द्रस्पर्श, तद्वत्ता, सलोकता, अनड्वाही, विघ्नजित्, त्रैविध्य, पञ्जी, धियायु, नैसर्गिक, परिहास, विलग्, अद्यतन, नवजा, भृज्जन




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь