क्षीण

क्षीण
क्षीण /kṣīṇa/ (pp. от क्षि III )
1) истощённый, изнурённый
2) чахлый
3) краткий, недолгий (срок)

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श्रौत्र, शुभंयावन्त्, हव, संमित, देवय, सभस्मन्, द्विशवस्, निनद, अकृपण, द्वाररक्षिन्, पिप्पल, व्यपेक्ष्, आपातस्, प्रतान, निपात, भद्र, वसूयु, वैभव, प्रसववेदना, मेधसाति, कीट, पद्र, अभिली, हृद्य, ऋतयुज्, वित्तप, परिशिष्, पृथुपाणि, सरुजत्व, , विस्फूर्जित, अविज्ञान, संवित्ति, नवत्व, विपण, असिक्नी, संवृत्, पृथुता, दुश्चित्त, प्रधर्षय्, पारतन्त्र्य, निर्वसु, °पा, विघस, साध्वस, प्रत्यर्थिन्, तिर्यग्जन, सचित्त, पुरोधिका, जलजीविन्, अस्वस्थ, मधुकृत्, पूर्ण, प्रतिशब्द, सौम्यत्व, क्षुधार्त, क्षोदिष्ठ, ग्रभ्, ध्वनन, सुब्रह्मण्य, वारण, पूतना, अङ्कय, नसा, क्षेत्रपाल, योग्यत्व, काटा, गान्धार, शङ्खान्तर, रोमोद्गम, उपार्जना, प्रतिक्रम, पथ्, तुज्, अभिव्याहर्, उन्मनस्क, देवर, सहस्रकर, सामन्, अध्वर, स्पर्शत्व, ममत्, अतिचार, प्रवाद, निम्लुक्ति, रुक्मिन्, चित्त, व्योमचर, पिश्वसामय, निशाकर, सुत्य, वराह, नूतन, ऐन्दव, विग्रहवन्त्, वृष्टिपात, दुः°, स्वर्ग्या, अम्बा, व्यास, विनिग्रह, खलति, निदर्शन, शशिप्रभ, जनक, आत्, पृत्हिवीश्वर, शुकी, °शर्धिन्, अतिकृति, जिज्ञासु, उत्कृष्ट, फलप्राप्ति, युयुत्सा, नी, षड्धा, गमागम, प्रत्यासत्ति, उपनिश्रि, रूपवन्त्, विवृद्ध, महाप्रभ, चिकीर्षित, दिव्यरूप, आविष्करण, ह्ये, धर्मदेव, सुराङ्गना, ज्ञात्र, गुण, मन्त्रपुस्तिका, रोलम्ब, विषय, आलोकिन्, प्रतिनिर्यत्, शौटीर, अध, अन्तेवास, हिंस्य, द्रुघण, अन्यकर्तृक, राजन्, महिष, मञ्जुस्वन, एकोन, वारं, सुललित, औषस, नसंविद्, भूयंस्, कुशिक, पुलिन्द, गुल, प्रभर्तर्, दघ्न, शारदीन, उपमा, अकृतसत्कार, संरोध, क्षीरसागर, वितन्, त्रिपुर्युपनिषद्, नर्तन, क्रमण, वृष्टि, सहस्रदा, निराशिन्, विरल, निरप, लेष्टु, रौधिर, प्रधावन, तुमुन्, स्ति, दन्तमय, माणवक, भक्तिनम्र, भूमिशय, अनलंकृत, अतिष्कन्द्, महाब्राह्मण, प्रदोष, सार्ष्टिता, सरण्यु, सिद्धक्षेत्र, परिवस्, याजक, क्वथ, देवीगृह, मौण्ड्य, उरग, प्रेयसी, क्षुधाकर, °वयस, सप्रणामम्, पद्मावती, नलकिनी, हिन्दोलक, उपसर्ज्, ककुभ्, पुनर्, अतिवर्ष, तावच्छस्, सोमसुत्वन्, नैपाल, स्रवत्, स्रवन्ती, विस्फुट्







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