समुपोह

समुपोह
समुपोह /samupoha/ (формы см. ऊह् I ) скрывать, таить в себе




Случайная выборка слов

प्राखर्य, शैथ्य, प्रसह, विवृद्धिद, महात्मन्, उज्ज्वल्, शिशिर, सास्ना, विंशति, रत्नाकर, सुखसाध्य, उदे, उदज्, पद्मभव, मेरु, वैमात्रक, दीपपादप, दाहिन्, लोमकूप, पार्थिवत्व, प्रशोष, पूर्वेद्युस्, करपल्लव, नग्ना, परिपूरण, शिलापट्ट, शिट्, सत्कृति, संलक्ष्य्, पणाया, भट्टिकाव्य, उद्वेष्ट्, विक्लान्त्, यथायथम्, चत्वर, सुसर्व, ख्यातिमन्त्, विकर्तन, शाखामृग, नीलपिच्छ, सहस्रगु, लोमहर्ष, ध्वर्, नोत्, अनुवच्, दूरवर्तिन्, निपीड्, मुनिवेषधर, आवरण, पुच्छ, अध्यन्तेन, छुबुक, अश्वानीक, संवल्, दर्व, प्रदीप्त, परःसहस्र, परिशोष, कलहप्रिय, नयनोदबिन्दु, योग्यता, मर्दितर्, तारिन्, मण्डलिन्, मौर्वी, अभिविमा, प्रबध्, प्रत्युपकार, सुविधि, उदीरण, अनभिसंहितम्, हिंस्र, निष्ठ, युक्ति, मृगशावाक्षी, चन्द्रोदय, युज्, प्राणाधिक, लोचय्, अहृणान, अतिरम्, स्थातर्, दारग्रहण, व्यञ्ज्, राजाश्व, परिषद्, श्वभक्ष, कविराज, ब्रह्मजाया, जघनचपला, स्वारोचिस्, मेनका, श्लाघ्यपद, आज्ञप्ति, मृगण्यु, पञ्चिका, उपजन्, वर्षा, शील्, छन्द, गतजीव, सोत्कण्ठ, भूमीरुह्, अध्यस्, निकाय, झरा, अन्तिक, नारायण, फलत्व, हेमशङ्ख, , सप्रतिबन्ध, व्रा, प्रणप्तर्, सह्यंस्, मदुघ, आसेक, धापय्, विकस्, तात्कालिक, परावह, सेतुबन्धन, घर्घर, वाच्, तरुतल, विटप, अकुलीन, चि, परस्तात्, आस्फालन, पूगीफल, परिपाकतस्, अक्षण्वन्त्, त्रिपक्ष, विना, दिङ्मुख, दारव, वैभव, मेलन, रिङ्ग्, ब्राह्मण्य, त्रैलोक्यदर्शिन्, होत्रा, आविक, निर्यत्न, ब्रह्मप्रिय, कुट्, वेणी, शर्ब्, नौवाह, द्वेषिन्, अर्धर्च, दा, व्याधि, सत्यत्व, उपपुराण, मारमोहित, निष्कूज, व्रत्य, मिहिर, निर्वृक्ष, पितृकर्मन्, अभ्याभू, रत्न, अपेय, विस्रगन्ध, ध्यात्व, अनन्त, सृज्, सुजन, असुर, गुर्जर, विद्याधर, विवृक्त, तिग्म, आनन्दगिरि, जिज्ञासा, झरी, जनाधिप, रौधिर, संकाश, अविषादिन्, महिमन्त्, चुरभि, रक्षोहत्य, वधक, रक्षावन्त्, सीता, तारकेश्वर, हेम्न, वेशी, रैवत, रन्तिदेव, पराचैस्, रणशिरस्, अजीत, द्विसप्तति, श्रद्धादेव, श्वमांस, राजकार्य, परिकल्, परु, शोकतस्, नौतार्य, अगोचर, पृथ्वीधर, चिन्तामोह




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit