तत्त्वकथन

तत्त्वकथन
तत्त्वकथन /tattva-kathana/ m. правдивое сообщение; верный рассказ




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हर्मुट, पशु, ऊर्ध्व, मुग्ध, विरुह्, उच्छ्रित, धरणिज, मूर्छना, , वेदपारग, स्वर्लोक, शल, अतिरूप, अपभय, त्रयोविंशति, मैनाल, पत्, दन्ता°, सुजनत्व, °मारिन्, आस्य, अपबध्, उपोदासर्प्, नानात्व, विमर्शिन्, चिपिट, निष्ठुर, अध्याय, मुनि, पर्यवेक्ष्, शान्तिपात्र, नित्ययुक्त, तिन्तिड, भाविनी, शतमूल, शास्, प्ररूढि, वक्र, श्नथितर्, रावित, राजवीत्ही, आश्रय, विज्ञानवन्त्, सगोत्र, नाश, आर्यभट, हयशिरस्, प्रत्यक्षता, वर्षपात, छादन, मिथत्या, जित्वर, अगस्त्य, अपक्ष्य, धृतिमन्त्, लोकमय, अहस्, तरी, -आशिन्, विलम्बित, युक्तार्थ, अङ्गना, विहीय, वेविज, पुण्यपाप, सदश्व, प्रीतिपूर्वकम्, चेतु, निधि, दत्ति, मन्युमन्त्, युति, कारुण्य, ऊढ, संचित, वस्तव्यता, अविचल, अतत्त्वतस्, श्मग्रु, शाल, यमक, दान्त्व, दुष्टचारिन्, विच्, विप्रमोहय्, संहु, पटर, जप्, प्रतिदान, बौद्धदर्शन, मन्दविचेष्टित, रजःशय, श्लिष्, शिल, बर्हिस्, कुलविद्या, दण्डपातन, महोक्ष, धरणिभृत्, सपर्या, संवस्, स्वस्तर, मुकुर, नैःश्रेयस, तर्प्, नरक, वाग्मिन्, कलानाथ, कुड्मल, शङ्ख, त्रिपिटक, आवर्ज्, संधर्षय्, सहभोजिन्, प्रस्वेद, हृषीकेश्वर, प्रत्वक्षस्, अपाश्रि, मृक्ष्, स्त्रीगमन, औषध, क्रकच, अनुप्रस्था, अचेष्टता, प्रियोक्ति, सयावक, शठबुद्धि, विकासन, परिव्रज्, लेखा, अकोपन, तेजोरूप, खेव्, सजन, ली, त्रा, संध्या, प्रत्यागमन, हास्तिन, आरस्, रथमुख, प्राग्र्य, उपरच्, प्रजनन, सुदत्र, प्लोत, सागस्, प्रौढि, पवि, निर्निद्रता, उद्घोष, सेतुबन्धन, देवरूपिन्, बीजकाण्डरुह, संप्रवृत्त, महाज्वर, यातर्, मीमांसक, वृषल, तरस, विशाल, समुद्धत, रथधुर्, श्वेताश्व, पौरोगव, नीलकण्ठ, इत्वर, पौराण, आलिख्, पट्, उपाह्वा, पान्थ, त्रिदण्ड, धनस्पृत्, अमन्दता, अतिप्रबल, मेधस्, दुर्वाद, असूया, पथोस्, °साह्व, क्षार, भावशून्य, मन्दौत्सुक्य, वसुधार, बन्धकी, अम्बालिका, प्रतिपादयितर्, दक्षिणाप्रत्यञ्च्, पाणविक, तूलक, पुञ्ज, प्रायण, देव, सावधि, अर्चिस्, पतिंवरा, दत्, फेत्-कार, गात्र, कुण्ठ, अभिजित्, क्रुध्मिन्, तन्, द्विलक्षण, अभिलाष, प्रव्राज
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