तत्त्वकथन

तत्त्वकथन
तत्त्वकथन /tattva-kathana/ m. правдивое сообщение; верный рассказ




Случайная выборка слов

भुजमूल, देहकर, परिभूष्, संतुल्, पारंपर, अवभिद्, दैवत, सलोमन्, क्नूय्, सुदारुण, गणनायक, अनडुही, रिक्त, प्रत्यारम्भ, विलक्ष्, पुरुशुश्रूषा, स्वर्गामिन्, नागदत्त, वहनभङ्ग, हर्तर्, गताध्वन्, परिकीर्तन, निषिद्ध, रोचुक, सहदेव, पट्, सस्पृह, विलास, तार्ण, विनिवर्त्, प्राक्शस्, अभ्युदि, हतस्वर, समुपक्रम्, अतिसद्, त्र्यक्षक, त्रस्, माक्षिक, भौवन, रतिबन्धु, हट्टचौरक, घृणालु, यष्टर्, अवन, परिकर्मिन्, संरञ्ज्, परिगम, महास्वर, स्तुति, सौव, आत्मसंभवा, दुर्व्यसन, सदसन्त्, अत्र, संशी, अभिया, समर्याद, बिम्ब, संप्रवेश, सम्यक्त्व, मक्षू, उड्डमर, चरणविक्षेप, तद्युत, सुवर्ण, दुःखोपशमन, वशीक्रिया, पार्श्वपरिवर्तिन्, प्रतिराज, श्लेष्मन्, सस्वर्, गोमिन्, कतिपयरात्रम्, द्रोण, जहित, अशक्य, भीरुक, साधुवृत्त, अधिवासन, वैभ्राज, चैतन्य, प्रक्लिन्न, दुर्निग्रह, वास, किनाश, कौमुदी, वक्रपाद, वसुंधर, तुमुल, सौवर, उपरति, सर्वहृद्, त्रय, प्रायत्य, साह्य, क्षुर, अवलुड्, मत्कुण, गोरक्षक, महागिरि, वितर्, आशंसन, क्षौणीधर, मार्तण्ड, वीत, आज्ञाकरत्व, राधा, दुन्दुभी, संक्रन्दन, इदा, कालहरण, दारी, अनिष्ट, शङ्कराचार्य, प्रायास, परिया, संहस्, ऋतजात, परद्रव्य, इन्द्रता, लाञ्छ्, अनुवृत्ति, प्ररूढ, विजृम्भ, मुद्रय, अकृतबुद्धि, अयोध्या, राजद्वार, पावन, द्विर्वचन, दुर्ललित, रूपायुधभृत्, श्यामी कर्, दुरापन, दुर्गन्ध, दुर्वार्य, पद्मवर्ण, अन्य, नैदाघ, नीरद, विशिरस्, अर्भ, सधमाद, आसिध्, अङ्गुलित्र, महानील, उष्णत्व, तिरस्करिणी, जागर, शीघ्रगामिन्, पारतल्पिक, संप्रेषण, खेदा, तरु, क्षुधा, शक्रदिश्, निरुपक्रम, निर्लोभ, आजात, सीरवाह, अनुनद्, नन्दय्, उपस्निह्, °स्था, अपाश्रय, पात्री कर्, वनदाह, विद्यावन्त्, बोधि, नगनिम्नगा, सुतनु, विद्, चित्त, हरिमन्, प्रतिराध्, समुद्रगा, श्रवण, अर्ज्, अमेध्य, निरवद्य, शुभंकर, जन्मकाल, प्रथमवयस्, कर्षिन्, न्यूनय, शोथ, संप्लु, क्रियायोग्य, वैरिता, निर्लिप्, अतिप्रकाश, अपभाषन, तपनीय, प्रशान्ति, वैद्य, विज्ञप्ति, भोगपति, प्रातिकूलिक, परियज्, विमोक्ष, यथोपपन्न, दोष्मन्त्, कृतकार्य, स्वामित्व, दिननक्तम्, शततम, आरोहिन्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь